B.Sc. 2nd year chemisry 2nd paper organic chemistry unit 5 2025

 

NOTE:-     In this blog there are only questions and answers of 5th unit of organic chemistry 6th unit will be available in the next blog because this increases the size of the  blog page  a lot.

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बी.एस-सी. द्वितीय वर्ष – रसायन (प्रथम प्रश्न-पत्र)

प्रश्न-सूची (छत्तीसगढ़)

__________________इकाई 5 __________________

1

2



प्रश्न 1. निम्नलिखित को उदाहरण सहित समझाइये:

(i) प्रावस्था (Phase), (ii) घटक (Component), (iii) स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom)।

उत्तर:
(i) प्रावस्था (Phase):
A phase is a homogeneous and physically distinct part of a system, separated from others by definite boundaries.
एक प्रावस्था वह अवस्था है जिसमें कोई पदार्थ समरूप (homogeneous) हो और उसकी भौतिक व रासायनिक विशेषताएँ समान हों।
उदाहरण: बर्फ (solid) + पानी (liquid) → दो प्रावस्थाएँ।

(ii) घटक (Component):
The smallest number of independently variable constituents by which the composition of each phase can be expressed.
घटक वह न्यूनतम संख्या होती है जिनके द्वारा सभी प्रावस्थाओं की संरचना को व्यक्त किया जा सके।
उदाहरण: CaCO₃(s) ⇌ CaO(s) + CO₂(g) में केवल एक घटक (CaO या CO₂) पर्याप्त है।

(iii) स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom):
It is the number of independently variable intensive parameters (like temperature, pressure, composition) that can be changed without disturbing the number of phases.
स्वतंत्रता की कोटि वह संख्या है, जो बताती है कि हम तापमान, दाब या संरचना में कितने परिवर्तन कर सकते हैं बिना प्रावस्थाओं की संख्या बदले।
फॉर्मूला:
F = C – P + 2
जहाँ F = स्वतंत्रता की कोटि, C = घटकों की संख्या, P = प्रावस्थाओं की संख्या।


प्रश्न 2. प्रावस्था नियम की सीमाएँ लिखिए।
उत्तर:
प्रावस्था नियम (Gibbs Phase Rule) की कुछ मुख्य सीमाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. यह केवल साम्यावस्था (equilibrium) की स्थिति पर लागू होता है।

  2. इसमें केवल तापमान, दाब और संरचना को ही परिवर्तनशील माना जाता है।

  3. इसमें रासायनिक अभिक्रियाओं (chemical reactions) को सीधे शामिल नहीं किया जाता।

  4. यह केवल समविकल्पी (non-reactive) प्रणालियों के लिए सटीक होता है।

  5. विद्युत अपघट्य या जटिल यौगिकों के लिए इसे सीधे लागू करना कठिन होता है।


प्रश्न 3. जल-तंत्र का प्रावस्था आरेख समझाइये।
उत्तर:
जल-तंत्र (Water System) एक एक-घटक त्रि-प्रावस्था तंत्र है जिसमें जल तीन अवस्थाओं में पाया जाता है — बर्फ (Solid), जल (Liquid) और भाप (Vapour)।
इसका प्रावस्था आरेख Pressure-Temperature ग्राफ होता है जिसमें तीन curves होते हैं:

  1. Fusion Curve: Ice ⇌ Water

  2. Vaporization Curve: Water ⇌ Vapour

  3. Sublimation Curve: Ice ⇌ Vapour

तीनों curves एक बिंदु पर मिलते हैं जिसे Triple Point कहते हैं।
यह वह अवस्था है जहाँ तीनों अवस्थाएँ संतुलन में एक साथ मौजूद होती हैं।

Triple Point of Water:
T = 0.0075°C, P = 4.58 mmHg


प्रश्न 4. प्रावस्था नियम का प्रयोग एक घटक तंत्र में कीजिये जिसमें एक से अधिक ठोस अवस्थाएँ हों।
उत्तर:
एक अच्छा उदाहरण है — सल्फर तंत्र (Sulphur System):
Sulphur की दो ठोस अवस्थाएँ होती हैं – Rhombic और Monoclinic।
Sulphur के Phase Diagram में चार प्रावस्थाएँ होती हैं:

  1. Rhombic Sulphur (S₁)

  2. Monoclinic Sulphur (S₂)

  3. Liquid Sulphur

  4. Vapour Sulphur

इसमें घटक (C) = 1
तो हम Gibbs Phase Rule से,
F = C – P + 2 = 1 – 2 + 2 = 1
अर्थात एक समय पर दो प्रावस्थाओं के बीच संतुलन में एक स्वतंत्रता की कोटि होती है (Temperature या Pressure fix करने से दूसरा निर्धारित हो जाता है)।
Triple point पर:
जब तीन प्रावस्थाएँ संतुलन में होती हैं (जैसे Rhombic ⇌ Monoclinic ⇌ Vapour), तब:
F = 1 – 3 + 2 = 0, यानी यह invariant system है।


प्रश्न 5. निम्नलिखित में घटकों की संख्या तथा स्वतंत्रता की कोटि ज्ञात कीजिये –

(i) N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g)
यह एक रासायनिक प्रतिक्रिया के अंतर्गत है।
→ Components (C) = 2 (N₂ और H₂ पर्याप्त हैं अन्य सभी व्यक्त की जा सकती हैं)
→ Phases (P) = 1 (gas phase)
→ F = C – P + 2 = 2 – 1 + 2 = 3

लेकिन रासायनिक संतुलन मौजूद होने पर 1 Constraint लगती है,
तो Effective F = 3 – 1 = 2

(ii) Fe(s) + H₂O(g) ⇌ FeO(s) + H₂(g)
→ Components (C) = 2 (Fe और H₂O)
→ Phases (P) = 3 (Fe – solid, H₂O – gas, FeO – solid)
→ F = 2 – 3 + 2 = 1


प्रश्न 6.दो घटक तंत्र के लिए प्रावस्था नियम का उपयोग कीजिए। दोनों घटक ठोस अवस्था में अमिश्रणीय हैं, जबकि द्रव अवस्था में पूर्णतः मिश्रणीय हैं, किन्तु कोई नया रासायनिक यौगिक नहीं बनाते।

उत्तर:
यह एक Ideal Binary System होता है, जैसे NaCl–KCl system।
यहाँ दोनों घटक ठोस अवस्था में एक-दूसरे में घुलते नहीं (solid immiscibility), लेकिन द्रव अवस्था में पूर्ण रूप से घुलते हैं (liquid miscibility)।
किसी भी समय पर phases की संख्या 1, 2 या 3 हो सकती है।
Gibbs Phase Rule (F = C – P + 1) लागू होता है (क्योंकि composition variable है, pressure constant)।

  • जब एक phase (liquid only): F = 2 – 1 + 1 = 2

  • जब दो phases (liquid + solid): F = 2 – 2 + 1 = 1

  • जब तीन phases (2 solids + 1 liquid): F = 2 – 3 + 1 = 0 → invariant


प्रश्न 7.जिंक-मैग्नीशियम तंत्र का प्रावस्था आरेख बनाकर वर्णन कीजिए।

उत्तर:
Zn–Mg system एक binary eutectic system है। इसमें दोनों धातुएँ पूरी तरह से liquid phase में घुलती हैं, परंतु ठोस अवस्था में आंशिक रूप से।
इसका phase diagram दिखाता है:

  • दो solid phases: α (Zn-rich) और β (Mg-rich)

  • एक eutectic point जहाँ liquid → α + β एक साथ जमता है

  • Eutectic Temperature ≈ 340°C

  • Eutectic Composition ≈ 67% Zn

Diagram में:
दो curves (liquidus lines) ऊपर से नीचे आते हैं और एक eutectic point पर मिलते हैं।

Interpretation:

  • Liquid phase की stability zone सबसे ऊपर है।

  • Solid + Liquid zone liquidus और solidus के बीच है।

  • Eutectic point एक invariant point है (F = 0)


प्रश्न 8.क्लॉसियस-क्लेपरॉन समीकरण क्या है? इसकी व्युत्पत्ति कीजिए।

उत्तर:
Clausius–Clapeyron Equation द्रव–वाष्प या ठोस–द्रव के बीच phase change के दौरान दाब और तापमान के संबंध को दर्शाता है।

समीकरण:

dPdT=LTΔV\frac{dP}{dT} = \frac{L}{T \Delta V}dTdP​=TΔVL​

जहाँ,

  • LLL = गुप्त ऊष्मा (latent heat)

  • TTT = तापमान

  • ΔV\Delta VΔV = दो phases के बीच आयतन का अंतर

व्युत्पत्ति:
गिब्स मुक्त ऊर्जा के सिद्धांत से,

dG=VdP−SdT⇒At phase equilibrium: dG1=dG2⇒V1dP−S1dT=V2dP−S2dT⇒(V2−V1)dP=(S2−S1)dT⇒dPdT=ΔSΔVdG = VdP - SdT \Rightarrow \text{At phase equilibrium: } dG_1 = dG_2 \Rightarrow V_1 dP - S_1 dT = V_2 dP - S_2 dT \Rightarrow (V_2 - V_1)dP = (S_2 - S_1)dT \Rightarrow \frac{dP}{dT} = \frac{\Delta S}{\Delta V}dG=VdP−SdT⇒At phase equilibrium: dG1​=dG2​⇒V1​dP−S1​dT=V2​dP−S2​dT⇒(V2​−V1​)dP=(S2​−S1​)dT⇒dTdP​=ΔVΔS​

अब, ΔS=LT\Delta S = \frac{L}{T}ΔS=TL​,
तो अंतिम रूप:

dPdT=LTΔV\frac{dP}{dT} = \frac{L}{T \Delta V}dTdP​=TΔVL​


प्रश्न 9.गलन क्रांतिक मिश्रण से क्या समझते हैं?

उत्तर:
गलन क्रांतिक मिश्रण (Eutectic Mixture) वह मिश्रण होता है जिसमें दो घटक एक विशेष अनुपात में मिलकर सबसे कम तापमान पर एक साथ ठोस बन जाते हैं।
इस तापमान को Eutectic Temperature कहते हैं और यह तंत्र का invariant point होता है।

विशेषताएँ:

  • दोनों घटक एक साथ जमते हैं

  • तापमान नियत होता है

  • मिश्रण की संरचना नियत होती है

उदाहरण: NaCl + H₂O


प्रश्न 10.द्रव एवं वाष्प साम्य के लिए क्लॉसियस-क्लेपरॉन समीकरण के समाकलित रूप की व्युत्पत्ति कीजिए।

उत्तर:
मानते हैं कि भाप आदर्श गैस के समान व्यवहार करती है:

ΔV=Vvapour≈RTP\Delta V = V_{vapour} \approx \frac{RT}{P}ΔV=Vvapour​≈PRT​

अब क्लॉसियस-क्लेपरॉन समीकरण:

dPdT=LTΔV⇒dPdT=LPRT2⇒dPP=LR⋅dTT2\frac{dP}{dT} = \frac{L}{T \Delta V} \Rightarrow \frac{dP}{dT} = \frac{L P}{RT^2} \Rightarrow \frac{dP}{P} = \frac{L}{R} \cdot \frac{dT}{T^2}dTdP​=TΔVL​⇒dTdP​=RT2LP​⇒PdP​=RL​⋅T2dT​

अब दोनों पक्षों का समाकलन करें:

∫P1P2dPP=LR∫T1T2dTT2⇒ln⁡(P2P1)=−LR(1T2−1T1)\int_{P_1}^{P_2} \frac{dP}{P} = \frac{L}{R} \int_{T_1}^{T_2} \frac{dT}{T^2} \Rightarrow \ln\left(\frac{P_2}{P_1}\right) = -\frac{L}{R} \left(\frac{1}{T_2} - \frac{1}{T_1}\right)∫P1​P2​​PdP​=RL​∫T1​T2​​T2dT​⇒ln(P1​P2​​)=−RL​(T2​1​−T1​1​)

यह है Clausius–Clapeyron equation का समाकलित रूप।


प्रश्न 11.सर्वांगसम व असर्वांगसम गलनांक में अंतर स्पष्ट कीजिए।

विशेषता

सर्वांगसम गलनांक

असर्वांगसम गलनांक

जमने का तापमान

निश्चित (Sharp)

फैला हुआ (Range)

संरचना

शुद्ध पदार्थ

मिश्रण या अशुद्ध पदार्थ

उदाहरण

बर्फ, NaCl

नमक मिला पानी, मिश्र धातुएँ

जमते समय

तापमान स्थिर रहता है

तापमान बदलता है


प्रश्न 12.परिक्रान्तिक बिन्दु को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
Peritectic Point वह बिंदु होता है जहाँ एक ठोस और द्रव मिलकर दूसरी ठोस अवस्था बनाते हैं।

Reaction:
Solid₁ + Liquid ⇌ Solid₂

विशेषताएँ:

  • यह भी एक invariant point होता है

  • त्रिघटकीय system में सामान्य होता है

  • Na₂SO₄–H₂O system में Peritectic reaction पाया जाता है।


प्रश्न 13.क्लॉसियस-क्लेपरॉन समीकरण के अनुप्रयोग समझाइये।

उत्तर:
Clausius-Clapeyron equation के अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं:

  1. Latent Heat की गणना: किसी वाष्पन या गलन क्रिया की गुप्त ऊष्मा ज्ञात करने में।

  2. Vapour Pressure पूर्वानुमान: एक तापमान पर ज्ञात दाब से दूसरे तापमान पर दाब निकालने हेतु।

  3. Boiling Point अनुमान: किसी द्रव का दाब-तापमान व्यवहार समझने में।

  4. Phase Diagram Analysis: दो phases के बीच संतुलन स्थिति का अध्ययन।


प्रश्न 14. संघनित प्रावस्था नियम क्या है?
उत्तर:
संघनित प्रावस्था नियम (Condensed Phase Rule) उस स्थिति में लागू होता है जब गैसीय अवस्था को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, जैसे कि ठोस और द्रव प्रावस्थाओं के तंत्रों में। इसमें गैसों की स्वतंत्रता की कोटि (Degree of Freedom) को हटाने के कारण modified phase rule होता है:

F=C−P+1F = C - P + 1F=C−P+1

यह नियम केवल संघनित तंत्रों (जैसे ठोस-द्रव तंत्र) के लिए लागू होता है, जहाँ दाब को स्थिर या नगण्य माना जाता है। इसमें केवल तापमान को परिवर्तनीय माना जाता है।


प्रश्न 15

(अ). जल-तंत्र के आरेख में गलनांक वक्र दबाव अक्ष की ओर झुका रहता है। समझाइये।
उत्तर:
जल-तंत्र में बर्फ (ice) के गलन के समय आयतन घटता है। इसलिए जब बर्फ पिघलती है तो दाब बढ़ने से उसका गलनांक कम हो जाता है। इस कारण से गलनांक वक्र (melting point curve) जल के प्रावस्था आरेख में दाब अक्ष (pressure axis) की ओर झुका होता है।

(ब). त्रिक बिन्दु पर ठोस, द्रव और गैस तीनों प्रावस्थाएँ सह-अस्तित्व में रहती हैं। समझाइये।
उत्तर:
त्रिक बिंदु (Triple Point) वह विशेष बिंदु होता है जहाँ किसी पदार्थ की तीनों अवस्थाएँ – ठोस, द्रव और गैस – थर्मोडायनामिक साम्य में एक साथ उपस्थित रहती हैं। जल के लिए यह बिंदु लगभग 0.01°C और 4.58 mmHg दबाव पर होता है।


प्रश्न 16. गिब्स के प्रावस्था नियम हेतु समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर:
गिब्स प्रावस्था नियम यह बताता है कि किसी एक तंत्र में कितने स्वतंत्र चर हो सकते हैं जिन्हें बदला जा सकता है बिना कि तंत्र की अवस्था बदले। इसका समीकरण है:

F=C−P+2F = C - P + 2F=C−P+2

जहाँ,
F=F =F= स्वतंत्रता की कोटि (Degree of Freedom)
C=C =C= घटकों की संख्या (Number of Components)
P=P =P= प्रावस्थाओं की संख्या (Number of Phases)

व्युत्पत्ति संक्षेप में:
किसी तंत्र की अवस्था को पूर्णतः परिभाषित करने के लिए सभी घटकों की सांद्रता और दो चर (ताप और दाब) जानने की आवश्यकता होती है। एक साम्य स्थिति पर, प्रावस्थाओं में रासायनिक साम्य होना आवश्यक है, जिससे गणनात्मक समीकरण निकलते हैं। इसके आधार पर उपर्युक्त नियम व्युत्पन्न होता है।


प्रश्न 17. निम्नलिखित को उदाहरण सहित समझाइये –
(i) मितस्थायी अवस्था (Metastable State):
यह वह अवस्था होती है जिसमें तंत्र संतुलन में नहीं होता, लेकिन फिर भी थोड़े समय तक स्थिर बना रहता है। जैसे अत्यधिक ठंडा जल (supercooled water) जो जमने के ताप से नीचे होने पर भी तरल बना रहता है।

(ii) संक्रमण बिन्दु (Transition Point):
वह बिंदु जहाँ एक ठोस अवस्था दूसरी ठोस अवस्था में परिवर्तित होती है। जैसे – सल्फर के Rhombic और Monoclinic रूपों के बीच संक्रमण।

(iii) त्रिक बिंदु (Triple Point):
वह बिंदु जहाँ पदार्थ की तीनों अवस्थाएँ (solid, liquid, gas) एक साथ संतुलन में उपस्थित होती हैं। जल का त्रिक बिंदु 0.01°C और 4.58 mmHg पर होता है।


प्रश्न 18. किसी द्विअंगी द्रव विलयन हेतु राउल्ट के नियम को समझाइए।
उत्तर:
राउल्ट का नियम कहता है कि किसी वाष्पशील विलायक का आंशिक दाब उस विलायक के मोल अंश के अनुक्रमानुपाती होता है:

PA=PA0⋅XAP_A = P_A^0 \cdot X_APA​=PA0​⋅XA​

जहाँ,
PA=P_A =PA​= विलायक का आंशिक दाब
PA0=P_A^0 =PA0​= शुद्ध विलायक का दाब
XA=X_A =XA​= विलायक का मोल अंश

द्विअंगी (binary) द्रव विलयन के लिए, कुल वाष्पदाब दोनों घटकों के आंशिक दाबों का योग होगा:

Ptotal=PA+PB=PA0XA+PB0XBP_{total} = P_A + P_B = P_A^0 X_A + P_B^0 X_BPtotal​=PA​+PB​=PA0​XA​+PB0​XB​


प्रश्न 19. राउल्ट के नियम की विवेचना कीजिए तथा धनात्मक विचलन दर्शाने वाले अनादर्श विलयनों के व्यवहार को उदाहरण देकर समझाइये।
उत्तर:
राउल्ट का नियम केवल आदर्श विलयनों के लिए पूर्णतः लागू होता है। अनादर्श विलयनों में अणुओं के बीच आकर्षण बल में भिन्नता के कारण विचलन (Deviation) होता है।

धनात्मक विचलन (Positive Deviation):
जब विलायक और विलेय के बीच आकर्षण बल कम होते हैं, तो अधिक वाष्पीकरण होता है और वाष्पदाब बढ़ जाता है।

उदाहरण:
एथेनॉल + एसीटोन
CH₃COCH₃ और C₂H₅OH का मिश्रण धनात्मक विचलन दर्शाता है।


प्रश्न 20. गैस के विलेयता गुणांक तथा अवशोषण गुणांक से आप क्या समझते हैं? गैस की विलेयता को प्रभावित करने वाले कारक बताइये।
उत्तर:

  • विलेयता गुणांक (Solubility Coefficient): वह मात्रा जो दर्शाती है कि 1 atm दाब पर एक गैस एक विलायक में कितनी मात्रा में घुलती है।

  • अवशोषण गुणांक (Absorption Coefficient): वह आयतन (mL) गैस जो 1 mL विलायक में 1 atm पर घुलती है।

गैस की विलेयता को प्रभावित करने वाले कारक:

  1. तापमान – अधिक तापमान पर विलेयता घटती है।

  2. दाब – हेनरी के नियम के अनुसार, विलेयता दाब के अनुक्रमानुपाती होती है।

  3. गैस और विलायक के बीच आकर्षण बल।


प्रश्न 21. H₂O-HCl तंत्र को क्वथनांक-संघटन वक्र खींचकर समझाइये।
उत्तर:
H₂O-HCl एक स्थिरक्वाथी मिश्रण बनाता है, जिसका क्वथनांक संघटन वक्र V-shape का होता है। इस वक्र में न्यूनतम क्वथनांक बिंदु पर एक निश्चित संघटन (constant composition) वाला मिश्रण बनता है जिसे अज़ियोट्रॉप कहा जाता है। इस बिंदु पर मिश्रण सामान्य आसवन से पृथक नहीं किया जा सकता।


प्रश्न 22. स्थिरक्वाथी मिश्रण क्या है? स्थिरक्वाथी मिश्रण को उदाहरण सहित समझाइये।
उत्तर:
स्थिरक्वाथी मिश्रण (Azeotropic mixture) वह होता है जिसका क्वथनांक उसके घटकों से भिन्न होता है, और यह एक निश्चित संघटन पर एक ही ताप पर उबलता है। यह मिश्रण सामान्य आसवन से पृथक नहीं किया जा सकता।

उदाहरण:
एथेनॉल (95.6%) + जल (4.4%) → क्वथनांक 78.1°C


प्रश्न 23. भाप-आसवन का सिद्धान्त क्या है? इसके उपयोग बताइये।
उत्तर:
भाप-आसवन (Steam Distillation) वह तकनीक है जिससे कम वाष्पदाब वाले यौगिकों को उनके सामान्य क्वथनांक से कम तापमान पर आसवन किया जाता है। इसमें जल के साथ मिश्रण बनाकर यौगिक की वाष्पीकरण क्षमता बढ़ाई जाती है।

उपयोग:

  • सुगंधित यौगिकों का पृथक्करण

  • पत्तियों से तेल निकालना

  • गर्मी-संवेदनशील यौगिकों का पृथक्करण


प्रश्न 24. संविलेय-संविलयन ताप पर अशुद्धियों के प्रभाव पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
जब किसी शुद्ध पदार्थ में अशुद्धियाँ मिलाई जाती हैं, तो उसका संविलेयन बिंदु (melting point) घट जाता है और संविलेय ताप (melting range) बढ़ जाता है।

प्रभाव:

  • अशुद्धियाँ संघटन में परिवर्तन लाती हैं।

  • विलयन का वाष्पदाब घटता है जिससे क्रायोस्कोपिक प्रभाव (Cryoscopic effect) होता है।

  • इससे गलनांक अवनति (Depression in melting point) होता है, जो अंश मात्रात्मक होता है।







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