B.Sc. Chemistry (C.G.) Third Year – UNIT 2B, First Question Paper Long & Short Answer Questions










  B.Sc. Chemistry (C.G.)

Third Year – First Question Paper


बी.एससी. रसायन विज्ञान (सी.जी.)
तृतीय वर्ष – प्रथम प्रश्न पत्र

इकाई 2 (ब ) 

दीर्घ एवं लघु उत्तरीय प्रश्न


Q1. इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण किसे कहते हैं?

Ans:
जब किसी परमाणु/आयन/संकुल के इलेक्ट्रॉन प्रकाश (UV-Visible) ऊर्जा को अवशोषित करके निम्न ऊर्जा स्तर से उच्च ऊर्जा स्तर पर जाते हैं, तो इसे इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण (Electronic Transition) कहते हैं।
इसी कारण संकुल रंगीन दिखाई देते हैं।


Q2. विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण को समझाइए।

Ans:
मुख्य प्रकार:

  1. d–d संक्रमण
    d-ऑर्बिटल से दूसरे d-ऑर्बिटल में संक्रमण।
    जैसे: संक्रमण धातु संकुलों में।
  2. चार्ज ट्रांसफर संक्रमण (CT)
    • LMCT (Ligand → Metal)
    • MLCT (Metal → Ligand)
      ये बहुत तीव्र होते हैं।
  3. f–f संक्रमण
    लैंथेनाइड में होते हैं, तीव्रता कम होती है।
  4. π→π* और n→π* संक्रमण
    कार्बनिक यौगिकों में।

Q3. संक्रमण धातुओं के संकुलों में इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण का वर्गीकरण कीजिये।

Ans:

  1. d–d संक्रमण
  2. चार्ज ट्रांसफर संक्रमण
  3. स्पिन वरण निषिद्ध संक्रमण (weak bands)

Q4. संक्रमण धातु संकुलों के इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम की उत्पत्ति के कारणों की विवेचना कीजिये।

Ans:
कारण:

  • क्रिस्टल क्षेत्र विभाजन (Δo या Δt)
  • d-ऑर्बिटल का विभाजन (t₂g और e_g)
  • d–d संक्रमण
  • चार्ज ट्रांसफर बैंड

उदाहरण:
[Ti(H₂O)₆]³⁺ बैंगनी रंग → d–d संक्रमण।


Q5. d-d संक्रमण के लिये वरण नियम क्या होते हैं?

Ans:
दो मुख्य नियम:

  1. Laporte Rule
  2. Spin Selection Rule

    Q6. लापोर्ट वरण नियम समझाइये।

    Ans:
    नियम:
    g → g या u → u संक्रमण निषिद्ध होता है।

    Octahedral complex में d-orbitals g प्रकार के होते हैं
    इसलिए d-d संक्रमण कमजोर होता है।


    Q7. चक्रण वरण नियम को समझाइये।

    Ans:
    नियम:
    ΔS = 0 होना चाहिए।
    अर्थात स्पिन नहीं बदलना चाहिए।

    Spin-forbidden transitions कमजोर होते हैं।


    Q8. स्पेक्ट्रोस्कोपिक मूल अवस्था किसे कहते हैं?

    Ans:
    किसी आयन की सबसे स्थिर ऊर्जा अवस्था = Spectroscopic Ground State।

    dn के लिए निर्धारण:

    हुण्ड नियम से:

    1. अधिकतम स्पिन
    2. अधिकतम L
    3. J निर्धारण

    Q9. स्पेक्ट्रोस्कोपीय मूल अवस्था को किस प्रकार व्यक्त किया जाता है?

    Ans:
    Term Symbol द्वारा:

    2S+1LJ^{2S+1}L_J

    जहाँ
    S = स्पिन
    L = कक्षीय संवेग
    J = कुल संवेग


    Q10. स्पेक्ट्रो रसायन श्रेणी पर टिप्पणी लिखिये।

    Ans:
    Ligands की शक्ति क्रम:

    I⁻ < Br⁻ < Cl⁻ < F⁻ < H₂O < NH₃ < en < CN⁻ < CO

    Weak field → High spin
    Strong field → Low spin

    Q11. d¹ एवं d⁹ अवस्थाओं के लिए ऑर्गेल ऊर्जा चित्र बनाइए।

    Ans:
    दोनों में एक ही प्रकार का diagram होता है।

    Transition:

    2T2g2Eg^2T_{2g} \rightarrow ^2E_g


    Q12. [Ti(H₂O)₆]³⁺ के इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम की व्याख्या कीजिए।

    Ans:
    Ti³⁺ = d¹
    Transition:

    t2g1eg1t_{2g}^1 \rightarrow e_g^1

    एक ही absorption band → बैंगनी रंग।


    Q13. निम्न के इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा समझाइए।

    (i) [Cr(H₂O)₆]³⁺ → d³

    3 transitions → हरा रंग

    (ii) [Ni(H₂O)₄]²⁺ → d⁸

    कई d-d transitions → नीला/हरा

    (iii) [Mn(H₂O)₆]²⁺ → d⁵

    Spin forbidden → हल्का गुलाबी

    (iv) [CoCl₄]²⁻ → d⁷ tetrahedral

    तीव्र रंग → नीला


    Q14. [V(H₂O)₆]³⁺ में इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण समझाइये।

    Ans:
    V³⁺ = d²
    Transitions:

    3T1g3T2g^3T_{1g} \rightarrow ^3T_{2g} 3T1g3A2g^3T_{1g} \rightarrow ^3A_{2g}


    Q15. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

    (i) इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण

    प्रकाश अवशोषण से ऊर्जा स्तर परिवर्तन।

    (ii) d¹ एवं d² ऑर्गेल चित्र

    • d¹ → 1 transition
    • d² → 3 transitions


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ