B.Sc. Zoology (C.G.) Third Year – UNIT 2, first Question Paper Long & Short Answer Questions

 




                                                           B.Sc. ZOOLOGY  (C.G.)

Third Year – First Question Paper


बी.एससी. (सी.जी.)
तृतीय वर्ष 

इकाई 2

Innate; Learning Behaviour & Sociobiology

दीर्घ एवं लघु उत्तरीय प्रश्न


1. पारिस्थितिकीय परिप्रेक्ष्य की प्रक्रिया को चमगादड़ में समझाइए।

चमगादड़ (Bats) पारिस्थितिकीय परिप्रेक्ष्य (Ecological perspective) को समझाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। चमगादड़ रात्रिचर जीव होते हैं और अंधेरे में भोजन खोजने के लिए विशेष व्यवहार अपनाते हैं जिसे Echolocation कहा जाता है। इसमें वे उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगें निकालते हैं और उनके प्रतिध्वनि (echo) से आसपास की वस्तुओं की दूरी और दिशा का पता लगाते हैं।

यह व्यवहार उनके पर्यावरण के अनुकूलन का परिणाम है। रात में कीटों की अधिकता और शिकारियों की कमी होने से चमगादड़ों ने रात्रिचर जीवन अपनाया। Echolocation उन्हें शिकार पकड़ने, बाधाओं से बचने और दिशा पहचानने में मदद करता है।

इस प्रकार चमगादड़ों का व्यवहार उनके पर्यावरण और जीवन शैली के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है, जो पारिस्थितिकीय परिप्रेक्ष्य का मुख्य सिद्धांत है।


2. मधुमक्खी की भाषा अथवा मधुमक्खी के नृत्य पर टिप्पणी लिखिए।

मधुमक्खियाँ एक विशेष प्रकार की संचार प्रणाली का उपयोग करती हैं जिसे “Bee Dance Language” कहा जाता है। जब कोई मधुमक्खी भोजन का स्रोत खोजती है, तो वह छत्ते में लौटकर अन्य मधुमक्खियों को नृत्य के माध्यम से जानकारी देती है।

मुख्यतः दो प्रकार के नृत्य होते हैं— Round Dance और Waggle Dance। Round dance पास के भोजन स्रोत के लिए होता है, जबकि Waggle dance दूर स्थित भोजन स्रोत की दिशा और दूरी बताता है।

नृत्य के कोण से दिशा और कंपन की अवधि से दूरी का पता चलता है। यह सामाजिक व्यवहार का उत्कृष्ट उदाहरण है और इससे कॉलोनी के सभी सदस्य मिलकर भोजन खोजने में सक्षम होते हैं।


3. पक्षीगान (Bird Song) की परिभाषा लिखिए।

पक्षीगान वह ध्वनि है जो पक्षी विशेष रूप से प्रजनन काल में साथी को आकर्षित करने और क्षेत्र की रक्षा के लिए उत्पन्न करते हैं। यह सामान्य कॉल (call) से अलग होता है क्योंकि यह अधिक जटिल और मधुर होता है।

पक्षीगान का मुख्य उद्देश्य मादा को आकर्षित करना और अन्य नर पक्षियों को अपने क्षेत्र से दूर रखना होता है। कुछ पक्षियों में यह जन्मजात होता है, जबकि कई पक्षी इसे सीखते भी हैं।

यह व्यवहार संचार, प्रजनन और सामाजिक संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और प्रजाति की पहचान बनाए रखने में मदद करता है।


4. फेरोमोन (Pheromones) किसे कहते हैं? इनकी उपयोगिता को विस्तार से समझाइए।

फेरोमोन ऐसे रासायनिक संकेत होते हैं जो एक ही प्रजाति के जीवों के बीच संचार का कार्य करते हैं। ये शरीर से बाहर निकलकर अन्य जीवों के व्यवहार या शारीरिक क्रियाओं को प्रभावित करते हैं।

फेरोमोन के कई प्रकार होते हैं— सेक्स फेरोमोन, अलार्म फेरोमोन, ट्रेल फेरोमोन और सामाजिक फेरोमोन। उदाहरण के लिए, चींटियाँ भोजन का रास्ता दिखाने के लिए ट्रेल फेरोमोन छोड़ती हैं।

फेरोमोन प्रजनन, खतरे की सूचना, समूह संगठन और क्षेत्रीयता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह संचार का एक अत्यंत प्रभावी तरीका है क्योंकि यह बिना ध्वनि या दृश्य संकेत के काम करता है।


5. गंध एवं फेरोमोन में तुलना कीजिए।

गंध (Odor) और फेरोमोन दोनों रासायनिक संकेत हैं, लेकिन इनमें महत्वपूर्ण अंतर है।

गंध किसी भी पदार्थ की सुगंध या दुर्गंध हो सकती है और यह विभिन्न प्रजातियों को प्रभावित कर सकती है। उदाहरण के लिए फूलों की सुगंध मधुमक्खियों को आकर्षित करती है।

दूसरी ओर, फेरोमोन केवल एक ही प्रजाति के सदस्यों के बीच संचार के लिए होते हैं। ये विशेष रूप से व्यवहार और शारीरिक प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं, जैसे प्रजनन या खतरे की सूचना देना।

इस प्रकार गंध सामान्य रासायनिक संकेत है, जबकि फेरोमोन विशेष और प्रजाति-विशिष्ट संचार का माध्यम है।


6. मधुमक्खियों के सामाजिक संगठन का वर्णन कीजिए।

मधुमक्खियाँ अत्यधिक संगठित सामाजिक कीट हैं और इनका समाज “कॉलोनी” कहलाता है। एक कॉलोनी में तीन प्रकार की मधुमक्खियाँ होती हैं— रानी (Queen), श्रमिक (Workers) और नर (Drones)।

रानी मधुमक्खी कॉलोनी की एकमात्र प्रजनन करने वाली सदस्य होती है और अंडे देती है। श्रमिक मधुमक्खियाँ मादा होती हैं लेकिन प्रजनन नहीं करतीं। वे भोजन एकत्र करना, छत्ता बनाना, बच्चों की देखभाल और सुरक्षा जैसे कार्य करती हैं। नर मधुमक्खियों का मुख्य कार्य रानी के साथ संगम करना होता है।

यह संगठन श्रम विभाजन (Division of labour) पर आधारित होता है। संचार के लिए मधुमक्खियाँ नृत्य भाषा और फेरोमोन का उपयोग करती हैं। यह सामाजिक संगठन जीवित रहने और प्रजाति की निरंतरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


7. अधिगम (Learning Concept) की अवधारणा पर टिप्पणी कीजिए।

अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा अनुभव और अभ्यास से व्यवहार में स्थायी परिवर्तन होता है। यह जन्मजात व्यवहार से अलग होता है क्योंकि इसमें अनुभव का प्रभाव होता है।

अधिगम के प्रकारों में Conditioning, Trial and Error, Insight Learning और Habituation शामिल हैं। उदाहरण के लिए, कुत्ता घंटी की आवाज़ सुनकर भोजन की अपेक्षा करना सीख जाता है— इसे Conditioning कहते हैं।

अधिगम जीवों को नए वातावरण में अनुकूलन करने और समस्याओं का समाधान करने में मदद करता है। यह बुद्धिमत्ता और स्मृति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


8. अन्तर्जात व्यवहार/नैसर्गिक व्यवहार (Innate Behavior) का वर्णन कीजिए।

अन्तर्जात व्यवहार वह व्यवहार है जो जन्म से ही मौजूद होता है और सीखने की आवश्यकता नहीं होती। यह आनुवंशिक रूप से नियंत्रित होता है और सभी सदस्यों में समान होता है।

उदाहरण के लिए, नवजात शिशु का दूध पीना, पक्षियों का घोंसला बनाना और मकड़ी का जाला बुनना। ऐसे व्यवहार को Fixed Action Pattern भी कहा जाता है।

यह व्यवहार जीवों को तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद करता है और जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्राकृतिक चयन का परिणाम है।


9. झींगुर और उनके संचार (Communication) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

झींगुर (Crickets) ध्वनि के माध्यम से संचार करते हैं। नर झींगुर अपने पंखों को रगड़कर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, जिसे Stridulation कहते हैं।

इस ध्वनि का मुख्य उद्देश्य मादा को आकर्षित करना और अन्य नर को अपने क्षेत्र से दूर रखना होता है। प्रत्येक प्रजाति की ध्वनि अलग होती है, जिससे सही साथी की पहचान संभव होती है।

यह संचार प्रजनन और क्षेत्रीयता के लिए महत्वपूर्ण है।


10. मछलियों के झुंड (Schooling in Fish) की प्रक्रिया को विस्तार से समझाइए।

मछलियों का झुंड बनाकर तैरना Schooling कहलाता है। इसमें मछलियाँ एक साथ समन्वित तरीके से तैरती हैं और दिशा बदलती हैं।

इस व्यवहार के कई लाभ हैं— शिकारियों से सुरक्षा, भोजन खोजने में सुविधा और ऊर्जा की बचत। जब मछलियाँ समूह में होती हैं तो शिकारी भ्रमित हो जाते हैं और किसी एक को पकड़ना कठिन हो जाता है।

यह व्यवहार सामाजिक समन्वय और जीवित रहने का उत्कृष्ट उदाहरण है।


11. पक्षियों के झुंड व्यवहार (Flocking in Birds) का वर्णन कीजिए।

पक्षियों का समूह में उड़ना Flocking कहलाता है। इसमें पक्षी एक साथ उड़ते हैं और दिशा बदलते हैं।

इस व्यवहार के लाभों में ऊर्जा की बचत, शिकारियों से सुरक्षा और लंबी दूरी के प्रवास में सहायता शामिल है। V-आकार में उड़ने से हवा का प्रतिरोध कम होता है और पीछे वाले पक्षियों को कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।

Flocking सामाजिक सहयोग और अनुकूलन का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

12. किन चयन (Kin Selection) पर टिप्पणी लिखिए।

किन चयन वह विकासवादी सिद्धांत है जिसके अनुसार जीव अपने निकट संबंधियों की सहायता करके अपनी आनुवंशिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार जीव केवल अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए ही नहीं, बल्कि अपने रिश्तेदारों के हित के लिए भी व्यवहार करते हैं।

उदाहरण के लिए, मधुमक्खियों और चींटियों में श्रमिक सदस्य प्रजनन नहीं करते, बल्कि रानी और कॉलोनी की रक्षा करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे रानी से आनुवंशिक रूप से जुड़े होते हैं।

किन चयन से यह स्पष्ट होता है कि प्राकृतिक चयन केवल व्यक्तिगत अस्तित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि आनुवंशिक सफलता को बढ़ाने के लिए रिश्तेदारों की सहायता करना भी महत्वपूर्ण है।


13. आत्मोत्सर्ग (Altruism) का वर्णन कीजिए।

आत्मोत्सर्ग वह व्यवहार है जिसमें कोई जीव अपने हितों का त्याग करके दूसरे जीव की सहायता करता है। यह व्यवहार समाज में सहयोग और समूह की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

उदाहरण के लिए, कुछ पक्षी खतरे की स्थिति में चेतावनी ध्वनि निकालते हैं जिससे समूह के अन्य सदस्य बच जाते हैं, लेकिन चेतावनी देने वाला पक्षी स्वयं खतरे में पड़ सकता है।

आत्मोत्सर्ग किन चयन और सामाजिक संगठन से जुड़ा होता है। यह समूह की सफलता और प्रजाति के अस्तित्व को बढ़ाने में मदद करता है।


14. रासायनिक संकेत (Chemical Signals) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

रासायनिक संकेत वे संदेश होते हैं जो रासायनिक पदार्थों के माध्यम से जीवों के बीच संचार करते हैं। इनमें फेरोमोन प्रमुख उदाहरण हैं।

इन संकेतों का उपयोग प्रजनन, भोजन खोजने, खतरे की सूचना और सामाजिक संगठन के लिए किया जाता है। चींटियाँ रास्ता दिखाने के लिए रासायनिक संकेत छोड़ती हैं, जबकि कुछ कीट साथी को आकर्षित करने के लिए।

रासायनिक संकेत विशेष रूप से तब उपयोगी होते हैं जब दृश्य या ध्वनि संकेत प्रभावी नहीं होते।


15. आक्रामक व्यवहार (Aggressive Behaviour) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

आक्रामक व्यवहार वह है जिसमें जीव अपने क्षेत्र, भोजन या साथी की रक्षा के लिए लड़ाई या धमकी देता है।

यह व्यवहार संसाधनों की रक्षा और सामाजिक पदानुक्रम बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। आक्रामकता अक्सर हार्मोन जैसे टेस्टोस्टेरोन से प्रभावित होती है।

हालाँकि अत्यधिक आक्रामकता हानिकारक हो सकती है, लेकिन नियंत्रित आक्रामकता जीवित रहने के लिए आवश्यक है।


16. अधिगम व्यवहार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

अधिगम व्यवहार अनुभव और अभ्यास से विकसित होता है और जीवों को नए वातावरण में अनुकूलन करने में मदद करता है।

इसके प्रकारों में Conditioning, Trial and Error, Insight learning और Habituation शामिल हैं। उदाहरण के लिए, पशु बार-बार प्रयास करके सही रास्ता सीख लेते हैं।

अधिगम बुद्धिमत्ता और स्मृति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जीवों को बदलते वातावरण में सफल बनाता है।






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