B.Sc 2nd year chemistry 1st paper inorganic chemistry unit 5

 NOTE:-     In this blog there are only questions and answers of 5th unit of inorganic chemistry and 6th unit will be available in the next blog because this increases the size of the  blog page  a lot.

                  

                   इस ब्लॉग में केवल अकार्बनिक रसायन विज्ञान की  पाँचवा  इकाई के प्रश्न और उत्तर हैं तथा छठी इकाई के प्रश्न अगले  ब्लॉग में उपलब्ध होंगे क्योंकि इससे ब्लॉग पृष्ठ का आकार बहुत बढ़ जाता है।

                       


________________________________

बी.एस-सी. द्वितीय वर्ष – रसायन (प्रथम प्रश्न-पत्र)

प्रश्न-सूची (छत्तीसगढ़)

__________________इकाई 4__________________


1

2



इकाई 5 (अ) — ऊष्मागतिकी (Thermodynamics)


प्रश्न 1. अवस्था फलन एवं पथ फलन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अवस्था फलन (State Function) वह भौतिक राशि होती है जो केवल तंत्र की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करती है, न कि तंत्र द्वारा अपनाए गए पथ पर। जैसे — आंतरिक ऊर्जा (U), एन्ट्रॉपी (S), एन्थैल्पी (H)
पथ फलन (Path Function) वे राशियाँ हैं जो तंत्र द्वारा लिए गए मार्ग पर निर्भर करती हैं। जैसे — कार्य (Work), ऊष्मा (Heat)
अंतर:

अवस्था फलन

पथ फलन

यह प्रारंभ व अंतिम अवस्था पर निर्भर होता है।

यह पूरे पथ पर निर्भर करता है।

इसका अंतर हमेशा एक जैसा होता है।

अलग-अलग पथ के लिए मान अलग होता है।


प्रश्न 2. विनिर्दिष्ट तथा गहन गुणों को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
गहन गुण (Intensive properties): ये वे गुण होते हैं जो तंत्र के परिमाण (mass) पर निर्भर नहीं करते। उदाहरण: ताप (Temperature), दाब (Pressure), सघनता (Density)
विनिर्दिष्ट गुण (Extensive properties): ये गुण तंत्र के परिमाण पर निर्भर करते हैं। उदाहरण: आयतन (Volume), द्रव्यमान (Mass), आंतरिक ऊर्जा (U)


प्रश्न 3. ऊष्मागतिक तंत्र या तंत्र (System) का क्या अर्थ है तथा ये कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
तंत्र (System) वह भाग है जिसे हम अध्ययन के लिए अलग करते हैं। शेष सब कुछ परिवेश (Surroundings) कहलाता है।
प्रकार:

  1. खुला तंत्र (Open system)द्रव्यमान व ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है।
  2. बंद तंत्र (Closed system)केवल ऊर्जा का आदान-प्रदान होता है।
  3. ऋणातंकीय तंत्र (Isolated system)न तो ऊर्जा, न ही द्रव्यमान का आदान-प्रदान होता है।

प्रश्न 4. ऊष्मागतिकी का शून्यवां नियम समझाइए।
उत्तर:
शून्यवां नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) कहता है:
यदि दो तंत्र, एक तीसरे तंत्र के साथ तापीय संतुलन में हैं, तो वे आपस में भी तापीय संतुलन में होंगे।
महत्व: इससे ताप का मापन संभव होता है और तापमापी की अवधारणा विकसित हुई।


प्रश्न 5. किसी ऊष्मा के द्वितीय नियम लिखिए एवं इसके अनुप्रयोगों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम: यह नियम कहता है कि
"ऊष्मा स्वयं कभी भी ठंडे पिंड से गर्म पिंड की ओर नहीं जाती जब तक कोई बाहरी कार्य न किया जाए।"
Kelvin-Planck कथन: कोई भी ऊष्मा इंजन ऐसा नहीं हो सकता जो केवल एक ताप स्त्रोत से ऊष्मा लेकर उसे संपूर्णता में कार्य में बदल दे।
Anwendungen/Applications:

  • ऊष्मा इंजनों का सिद्धांत
  • रेफ्रिजरेटर व हीट पंप
  • एंट्रॉपी की परिभाषा

प्रश्न 6. ऊष्मागतिक से प्राप्त तापसूत्र एवं ऊष्मा दाब तथा किसी तंत्र के ऊष्माधारित के लिये व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर:
ऊष्मा का प्रथम नियम:

यह तंत्र में दी गई ऊष्मा (Q) को आंतरिक ऊर्जा (U) और कार्य (W = PdV) में विभाजित करता है।
ऊष्माधारित (Heat Capacity):

दाब नियत होने पर:

आयतन नियत होने पर:

 

प्रश्न 7. आदर्श गैस के समभारपीय प्रकार से किये गये अधिकतम कार्य की गणना कीजिए।
उत्तर:
आदर्श गैस का अधिकतम कार्य तब प्राप्त होता है जब विस्तार या संपीड़न समीकरणीय (reversible) रूप में हो।

आदर्श गैस के लिए समीकरणीय विस्तार में किया गया कार्य:

जहाँ:

यह कार्य अधिकतम होता है, क्योंकि समीकरणीय प्रक्रिया सबसे धीमी और संतुलित होती है।


प्रश्न 8

 (a). जूल-थॉमसन प्रयोग का उल्लेख करते हुए इसे समझाइए।
उत्तर:
जूल-थॉमसन प्रयोग में गैस को उच्च दाब से निम्न दाब की ओर एक थ्रॉटलिंग वाल्व से प्रवाहित किया जाता है। इस दौरान गैस ताप परिवर्तन करती है।

जूल-थॉमसन प्रभाव:
कुछ गैसें (जैसे H₂, He) विस्तार के दौरान गर्म हो जाती हैं, जबकि अधिकांश गैसें (जैसे CO₂, N₂) ठंडी हो जाती हैं।
यह प्रभाव गैस के आंतरिक गुणों पर निर्भर करता है।

प्रयोग का महत्व:

  • यह प्रभाव गैस के शीतलन (cooling) में प्रयोग होता है।
  • तरल गैसें (like Liquid N₂, O₂) इसी सिद्धांत पर बनती हैं।

प्रश्न 8

(b). जूल-थॉमसन प्रभाव क्या है? द्रवायु के आदर्श गैस से कैसे जूल-थॉमसन गुणांक का मान पृथक होता है?
उत्तर:
जूल-थॉमसन गुणांक (μ):

यह बताता है कि दाब घटने पर तापमान कैसे बदलता है।

  • आदर्श गैस में कोई आंतरकीय बल नहीं होते, इसलिए μ = 0
  • द्रवायु गैसें (Real Gases) में आंतरकीय बल होते हैं, जिससे μ ≠ 0 होता है।

निष्कर्ष:
जूल-थॉमसन प्रभाव आदर्श गैसों में नहीं होता, जबकि वास्तविक गैसों में यह कार्य करता है।


प्रश्न 8

(c). एक गैस का ठंडी होने के लिए उसे व्युत्क्रम तापमान के नीचे होना चाहिए। क्यों?
उत्तर:
व्युत्क्रम तापमान (Inversion temperature) वह तापमान है जहाँ जूल-थॉमसन गुणांक  का चिन्ह बदल जाता है।

  • यदि गैस का ताप व्युत्क्रम ताप से नीचे हो वह ठंडी होती है।
  • यदि ऊपर हो वह गर्म होती है।

इसलिए, गैस को ठंडा करने हेतु उसे व्युत्क्रम ताप से नीचे रखना आवश्यक है, अन्यथा वह ठंडी नहीं होगी।


प्रश्न 9. शीतलन पर जूल-थॉमसन प्रभाव का अनुप्रयोग बताइए।
उत्तर:
जूल-थॉमसन प्रभाव का उपयोग गैसों को शीतल करने में किया जाता है।

अनुप्रयोग:

  1. द्रव गैसों का निर्माण: जैसे लिक्विड ऑक्सीजन, नाइट्रोजन आदि का उत्पादन।
  2. क्रायोजेनिक तकनीक: सुपर-कूलिंग एवं मैगनेटिक कूलिंग उपकरण।
  3. गैस रेफ्रिजरेशन यूनिट: जैसे Linde’s और Claude’s प्रक्रिया।

प्रश्न 10

 (a). किसी आदर्श गैस के लिए रेखीय रूढ़ता माप हेतु आयतन एवं तापक्रम से संबंध स्थापित कीजिए।
उत्तर:
रेखीय रूढ़ता (Bulk Modulus) B:

आदर्श गैस के लिए:

तो,

अर्थात, आदर्श गैस की रेखीय रूढ़ता = उसका दाब।


प्रश्न 10

(b). किसी आदर्श गैस के लिए जिसमें रेखीय प्रसार हो रहा हो, निम्नलिखित संबंध को व्युत्पन्न कीजिए –
उत्तर:
आदर्श गैस के लिए रेखीय प्रसार (adiabatic expansion) में:

प्रथम नियम:

और,

इनका उपयोग करके अंततः प्राप्त होता है:


प्रश्न 11. शुल्कम्प ताप क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
उत्तर:
शुल्कम्प ताप (Inversion Temperature) वह तापमान है जिस पर जूल-थॉमसन गुणांक (μ) का मान शून्य होता है।
इस ताप से ऊपर गैस का विस्तार गर्मी पैदा करता है, और नीचे ठंडा करता है।

सूत्र:
वैन डेर वाल्स गैस के लिए:

जहाँ:

इकाई 5 (ब)


प्रश्न 1. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम की सीमाएँ लिखिए तथा द्वितीय नियम की आवश्यकता समझाइए।
उत्तर:
ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम:

(ऊष्मा = आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन + कार्य)

सीमाएँ:

  1. यह यह नहीं बताता कि कोई प्रक्रिया स्वाभाविक है या नहीं।
  2. यह दिशा (direction) या समय की जानकारी नहीं देता।
  3. यह यह नहीं बताता कि ऊष्मा किस रूप में उपयोगी कार्य करेगी।

द्वितीय नियम की आवश्यकता:

  • यह बताता है कि ऊष्मा हमेशा उच्च तापमान से निम्न तापमान की ओर जाती है।
  • यह स्पष्ट करता है कि सभी ऊष्मा कार्य में नहीं बदली जा सकती।
  • यह उपयोगी कार्य और एंट्रॉपी (Entropy) की अवधारणा देता है।

प्रश्न 2. क्या कारण है कि ऊष्मा इंजनों में उच्च दाब वाली भाप का उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
उच्च दाब वाली भाप अधिक ताप पर होती है। इसके लाभ:

  1. ऊर्जा अंतर अधिक होता है: उच्च और निम्न ताप के बीच ΔT अधिक होगा, जिससे दक्षता बढ़ती है।
  2. विशिष्ट ऊष्मा अधिक होती है: जिससे अधिक कार्य प्राप्त होता है।
  3. भाप का आयतन अधिक होता है, जिससे पिस्टन अधिक कार्य कर सकता है।

निष्कर्ष: Efficiency बढ़ाने के लिए उच्च दाब वाली भाप का प्रयोग किया जाता है।


प्रश्न 3. ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम के विभिन्न कथन लिखिए।
उत्तर:
द्वितीय नियम के प्रमुख कथन:

  1. क्लॉसियस कथन (Clausius Statement):
    "ऊष्मा अपने आप किसी ठंडी वस्तु से गरम वस्तु की ओर प्रवाहित नहीं होती।"
  2. केल्विन-प्लांक कथन (Kelvin-Planck Statement):
    "कोई भी ऊष्मा इंजन केवल ऊष्मा को पूर्ण रूप से कार्य में नहीं बदल सकता।"
  3. एंट्रॉपी कथन:
    "सभी स्वाभाविक प्रक्रियाओं में सम्पूर्ण एंट्रॉपी बढ़ती है।"

प्रश्न 4. कार्ना चक्र की सहायता से सिद्ध कीजिए कि किसी ऊष्मा इंजन में किया गया कार्य नेट उपलब्धीय ऊर्जा के बराबर होता है।
उत्तर:
कार्ना चक्र के चार चरण:

  1. Isothermal Expansion (Q₁)
  2. Adiabatic Expansion
  3. Isothermal Compression (Q₂)
  4. Adiabatic Compression

नेट कार्य (W):

Efficiency (η):

उपलब्धीय ऊर्जा = प्राप्त ऊष्मा – हानि
इस प्रकार, कार्ना इंजन में किया गया कार्य उपलब्धीय ऊर्जा के बराबर होता है।


प्रश्न 5. सिद्ध कीजिए कि सभी उत्तमनीय ऊष्मा इंजन, जो दो नियत तापों के मध्य कार्य कर रहे होते हैं, की दक्षता समान होती है।
उत्तर:
मान लीजिए दो इंजन हैं, जो एक ही तापीय स्रोत और सिंक के बीच कार्य कर रहे हैं।

  • यदि दोनों की दक्षता अलग हो, तो
    कम दक्षता वाला इंजन, उच्च दक्षता वाले के साथ मिलकर perpetual motion machine of second kind बना देगा।
  • यह द्वितीय नियम का उल्लंघन होगा।

इसलिए, सभी आदर्श इंजन जो एक ही ताप स्रोत और सिंक के बीच काम करते हैं, उनकी दक्षता समान होती है।


प्रश्न 6. ताप का परम तराजू (Absolute scale) क्या है? परम शून्य को समझाइए।
उत्तर:
Absolute Temperature Scale वह पैमाना है जहाँ तापमान का शून्य मान वह स्थिति होती है जहाँ कोई ऊष्मीय गति नहीं होती।

Kelvin Scale:

परम शून्य (Absolute Zero):

  • यह वह ताप है जहाँ गैस की आयतन और दबाव शून्य हो जाते हैं।
  • इसका मान:

यह ताप सैद्धांतिक है, इसे व्यावहारिक रूप से प्राप्त नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 7. ऊष्मागतिक के द्वितीय नियम से एंट्रॉपी के अधिवर्धन को व्युत्पन्न कीजिए।
उत्तर:
द्वितीय नियम के अनुसार, किसी भी स्वाभाविक प्रक्रिया (spontaneous process) में सम्पूर्ण ब्रह्मांड की एंट्रॉपी बढ़ती है।

क्लॉसियस असमानता:

जहाँ,

इससे निष्कर्ष निकलता है:

  • इसका अर्थ है कि कुल एंट्रॉपी हमेशा बढ़ती है या स्थिर रहती है।

उदाहरण: बर्फ का पिघलना, गैस का फैलना — सभी में एंट्रॉपी बढ़ती है।

प्रश्न 8

(a): एंट्रॉपी की भौतिक सार्थकता क्या है?

उत्तर:
Entropy (S) thermodynamic system की disorder या randomness की मात्रा को दर्शाता है।
भौतिक रूप से, यह बताता है कि कोई प्रणाली कितनी अराजक (disordered) है।

  • यदि entropy ज्यादा है, तो system में disorder अधिक होता है।
  • उदाहरण: Ice (solid) की entropy कम होती है और steam (gas) की entropy अधिक होती है।

प्रश्न 8

(b): मानक एंट्रॉपी एवं मानक एंट्रॉपी परिवर्तन की परिभाषा लिखिए।

उत्तर:

  • Standard Entropy (S°): किसी तत्व या यौगिक की 1 atm दाब और 298 K पर मापी गई entropy
  • Standard Entropy Change (ΔS°): रिएक्शन में reactants और products की standard entropy का अंतर:

प्रश्न 8

(c): एंट्रॉपी के निरपेक्ष मान को समझाइए।

उत्तर:
Nernst heat theorem के अनुसार absolute entropy का मान 0 K पर शून्य माना जाता है।
Entropy को absolute units में मापा जा सकता है
0 K पर perfect crystalline substance की entropy = 0 होती है (Third law of thermodynamics)


प्रश्न 9: आदर्श गैस की एंट्रॉपी ताप, दाब तथा आयतन के साथ परिवर्तन के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।

उत्तर:
Entropy change of ideal gas:

या दाब के लिए:


प्रश्न 10: सिद्ध कीजिए की दो गैसों के समानुपाती मिश्रण पर एंट्रॉपी बढ़ जाती है।

उत्तर:
Ideal gas mixing entropy change:


प्रश्न 11: प्लांक-बोल्ट्ज़मान समीकरण समझाइए।

उत्तर:
Plank–Boltzmann Entropy Equation:

जहाँ,


  • यह formula बताता है कि entropy system की microscopic possibilities पर निर्भर करती है।

प्रश्न 12: मैक्सवेल संबंधों की व्युत्पत्ति कीजिए।

उत्तर:
Maxwell’s Relations thermodynamic potentials से निकलते हैं। उदाहरण:

Total 4 Maxwell relations होते हैं, जो different potentials (U, H, A, G) से derive होते हैं।


प्रश्न 13: एंथैल्पी परिवर्तन का त्रिवर्ण समीकरण लिखिए।

उत्तर:


प्रश्न 14

(a): एंट्रॉपी परिवर्तन के विभिन्न कारण लिखिए।

उत्तर:
Entropy में परिवर्तन निम्न कारणों से होता है:

  1. ताप में वृद्धि
  2. दाब में परिवर्तन
  3. अवस्था परिवर्तन (solid → liquid → gas)
  4. रासायनिक अभिक्रिया
  5. गैसों का मिश्रण

प्रश्न 14

(b): एंट्रॉपी की दृष्टि से किसी रासायनिक प्रक्रिया की दिशा का निर्धारण कैसे किया जाता है?

उत्तर:
यदि किसी प्रक्रिया में system और surroundings की कुल entropy बढ़ती है  तो वह प्रक्रिया spontaneous होती है।


प्रश्न 15: एंट्रॉपी असंतुलक अवस्था हेतु कहें: परिवर्तन की कसौटी के रूप में इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
Entropy एक ऐसी थर्मोडायनामिक क्वांटिटी है जो spontaneous process की दिशा बताती है।
यदि isolated system की entropy बढ़ रही है, तो प्रक्रिया स्वतः चल रही है। इससे पता चलता है कि असंतुलन की स्थिति कैसे संतुलन की ओर जाती है।


प्रश्न 16: उष्मागतिकी के त्रिवर्ण नियम के अनुप्रयोग लिखिए।

उत्तर:
Third law (Entropy of perfect crystal at 0 K is zero) के अनुप्रयोग:


प्रश्न 17: मुक्त ऊर्जा एवं उसका सार्थकता बताइए।

उत्तर:
Free energy (Gibbs free energy, G) वह energy है जो कार्य करने में सक्षम होती है।




प्रश्न 19

(a): सिद्ध कीजिए

उत्तर:
Ideal gas के लिए free energy change:

या,

क्योंकि  होता है।


प्रश्न 19

(b): सिद्ध कीजिए कि समान ताप प्रक्रिया में मुक्त ऊर्जा एवं कार्यफलन में परिवर्तन एकसमान होता है।

उत्तर:

अर्थात, Gibbs free energy का परिवर्तन system द्वारा किया गया अधिकतम कार्य दर्शाता है।


प्रश्न 20

(a): रिवर्सिबल कार्य से होने वाले परिवर्तन के लिए गिब्स–हेल्महोल्ट्ज समीकरण की व्युत्पत्ति कीजिए।

उत्तर:


प्रश्न 20

(b): निश्चित आयतन पर परिवर्तन के लिए हेल्महोल्ट्ज समीकरण की व्युत्पत्ति कीजिए।

उत्तर:


प्रश्न 21

(a): “विश्व का मुक्त ऊर्जा निम्न स्तर की ओर जा रहा है” — इस कथन की विवेचना कीजिए।

उत्तर:
Thermodynamics में spontaneous processes में G हमेशा घटता है। इसका मतलब यह है कि universe की processes lower free energy की ओर जाती हैं — यह stability और spontaneity की ओर इशारा करता है।


प्रश्न 21

(b): रासायनिक अभिक्रिया की दिशा में अक्रांति परिवर्तन सहसंबंध दर्शाइए।

उत्तर:

यह Gibbs energy और equilibrium constant का संबंध बताता है।


प्रश्न 22: मुक्त ऊर्जा परिवर्तन के लिए स्थितिकूलन गुणांक पूर्ण रूप से लागू नहीं, क्यों?

उत्तर:
Gibbs free energy केवल reversible और ideal conditions में ही सटीक लागू होता है।
Irreversible या non-ideal systems के लिए correction factors की जरूरत होती है।


प्रश्न 23: मैक्सवेल का संबंध एवं मुक्त ऊर्जा हेतु गिब्स समीकरण की व्युत्पत्ति कीजिए।

उत्तर:
Gibbs equation:

Maxwell relation से:


प्रश्न 24: आंतरिक ऊर्जा एवं एंट्रॉपी की व्युत्पत्तियाँ कीजिए।

उत्तर:
Internal energy:

यह thermodynamic identity दर्शाता है।
Entropy derivation अलग-अलग processes (reversible, isothermal, adiabatic) के आधार पर की जाती है।


प्रश्न 25: स्पष्ट कीजिए:

 

उत्तर:
यह relation Van der Waals equation से modify किया गया है। यह बताता है कि internal energy का आयतन के साथ परिवर्तन temperature के अनुसार pressure gradient और attractive forces (a/V²) पर निर्भर करता है।

 



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ