B.Sc. 2nd year chemistry 2nd paper organic chemistry unit 2

B.Sc. 2nd year chemistry paper 2nd paper organic chemistry unit 1(A-B) 2025


NOTE:-     In this blog there are only questions and answers of 2 nd unit of organic chemistry 3rd and 6th unit will be available in the next blog because this increases the size of the  blog page  a lot.

                                               युनिट 2                                                

दीर्घ एवं लघु उत्तरीय प्रश्न:

1

2

3

4

5

 

प्रश्न 1. एल्डिहाइडों के सामान्य और IUPAC नामकरण की विधि समझाइए।

उत्तर:
एल्डिहाइड (Aldehydes) वे यौगिक होते हैं जिनमें कार्बोनिल समूह (–CHO) होता है। इनका नामकरण दो प्रकार से किया जा सकता है:

(i) सामान्य नामकरण (Common Naming):

सामान्य नाम उस एल्केन के आधार पर रखा जाता है जिससे एल्डिहाइड प्राप्त होता है, और उसमें “-alया “aldehydeजोड़ा जाता है।
उदाहरण:

(ii) IUPAC नामकरण (IUPAC Naming):

IUPAC पद्धति में longest carbon chain चुनी जाती है जो –CHO group को शामिल करती है। suffix “-alजोड़ा जाता है। numbering हमेशा –CHO group से शुरू होती है।
उदाहरण:


प्रश्न 2 (a). कार्बोनिल समूह की ध्रुवता को समझाइए। HCHO, CH₃CHO और CH₃COCH₃ की योगात्मक अभिक्रियाओं के लिए प्रतिक्रियाशीलता का क्रम दीजिए।

उत्तर:
कार्बोनिल समूह (C=O) में कार्बन और ऑक्सीजन के बीच इलेक्ट्रॉन वितरण असमान होता है क्योंकि ऑक्सीजन अधिक इलेक्ट्रोननेगेटिव होती है।
इससे कार्बन आंशिक रूप से धनावेशित (δ⁺) और ऑक्सीजन ऋणावेशित (δ⁻) होती है — यही ध्रुवता कहलाती है।

प्रतिक्रियाशीलता का क्रम (Nucleophilic Addition Reactions के लिए):

👉
कारण:
Formaldehyde में कोई electron donating alkyl group नहीं होता, इसलिए यह सबसे reactive होता है। वहीं acetone में दो –CH₃ group होते हैं, जो electron देकर carbocation की स्थिरता बढ़ाते हैं लेकिन nucleophilic attack को hinder करते हैं।


प्रश्न 2 (b). कार्बोनिल समूह की संरचना समझाइए।

उत्तर:
कार्बोनिल समूह (C=O) में कार्बन sp² hybridized होता है और एक σ-bond और एक π-bond बनता है।
इसका geometry त्रिकोणीय समतलीय (trigonal planar) होती है और बंध कोण लगभग 120° होता है।
इस समूह में π-electrons की उपस्थिति इसे nucleophilic attack के प्रति reactive बनाती है।


प्रश्न 3

 (क). कार्बोनिल यौगिक क्या है? एल्डिहाइड और कीटोन की सक्रियता का क्रम लिखिए।

उत्तर:
कार्बोनिल यौगिक (Carbonyl Compounds) वे यौगिक हैं जिनमें C=O (कार्बोनिल) समूह होता है। दो मुख्य प्रकार हैं:

  • एल्डिहाइड (–CHO): C=O group terminal position पर होता है।
  • कीटोन (–CO–): C=O group दो alkyl समूहों के बीच होता है।

सक्रियता का क्रम:

👉 Aldehydes > Ketones
कारण:

  • Aldehyde में एक H-atom होता है, जिससे steric hindrance कम होती है और electrophilic carbon अधिक reactive होता है।
  • Ketones में दो bulky alkyl groups होते हैं, जो nucleophilic attack को hinder करते हैं।

प्रश्न 3

 (ख). कार्बोनिल समूह में न्यूक्लियोफिलिक संकलन अभिक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।

उत्तर:
न्यूक्लियोफिलिक संकलन अभिक्रिया (Nucleophilic Addition Reaction) में nucleophile कार्बोनिल कार्बन पर attack करता है। प्रक्रिया निम्न प्रकार से होती है:

  1. Nucleophilic attack: Nucleophile कार्बोनिल कार्बन पर attack करता है एक tetrahedral intermediate बनता है।
  2. Protonation: Intermediate में negative charge वाले oxygen को H⁺ मिल जाता है Alcohol बनता है।

उदाहरण:
CH₃CHO + HCN → CH₃CH(OH)CN
(Acetaldehyde से Cyanohydrin)


प्रश्न 4. क्या होता है? समीकरण सहित लिखिए –

(i) जब कैल्शियम फॉर्मेट और कैल्शियम एसीटेट के मिश्रण को गर्म किया जाता है।
उत्तर:
Calcium formate और calcium acetate का मिश्रण गर्म करने पर acetaldehyde (CH₃CHO) बनता है।

समीकरण:


(ii) जब एथाइन को 1% मरक्यूरिक सल्फेट युक्त 42% गर्म तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से प्रवाहित किया जाता है।
उत्तर:
Hydration of ethyne (acetylene) होता है और enol intermediate बनता है जो tautomerism से acetaldehyde में बदलता है।

समीकरण:


(iii) एसीटैल्डिहाइड को टॉलेन अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया कराया जाता है।
उत्तर:
Acetaldehyde reducing agent है। यह Tollen's reagent को reduce करके metallic silver (Ag) precipitate देता है (silver mirror test)

समीकरण:


(iv) बेन्जैल्डिहाइड एसिटिक एनहाइड्राइड और सोडियम एसिटेट के साथ अभिक्रिया करता है।
उत्तर:
यह Perkin Reaction कहलाती है जिसमें α,β-unsaturated acid (Cinnamic acid) बनता है।

समीकरण:
(Sodium acetate की उपस्थिति में)

प्रश्न 5. निम्नलिखित अभिक्रियाओं को पूर्ण कीजिए:

(i) (चांदी की परत बनती है)
(ii)  बनता है










प्रश्न 6. बेंजैल्डिहाइड पर निम्न की क्रियाएँ (केवल समीकरण):




प्रश्न 7. निम्नलिखित अभिक्रियाओं को समझाइये:

(i) Rosenmund Reaction:
Acid chloride को H₂/Pd-BaSO₄ के presence में एल्डिहाइड में बदला जाता है।

(ii) Stephen Reaction:
Nitrile को SnCl₂/HCl द्वारा aldehyde में बदला जाता है।

(iii) Haloform Reaction:
Methyl ketone (CH₃CO-) की I₂/NaOH से प्रतिक्रिया पर CHI₃ (yellow ppt.) बनता है।


प्रश्न 8.

(अ) CHO-benzene का IUPAC नाम: Benzaldehyde
(ब) बेंजैल्डिहाइड बनाने की विधियाँ:

  1. Toluene का oxidation (KMnO₄ या CrO₃ से)
  2. Sandmeyer reaction से
  3. Gattermann-Koch synthesis (CO + HCl + AlCl₃)

प्रश्न 9. मीरविन-पोंडोर्फ वर्ली अपचयन क्या है?

यह एक selective reduction है, जिसमें aldehyde/ketone को secondary alcohol में बदला जाता है Aluminium isopropoxide और isopropanol के presence में।


प्रश्न 10. क्लेमेन्सन अपचयन पर टिप्पणी:

Clemmensen Reduction में aldehyde या ketone को Zn-Hg/HCl के साथ मिलाकर alcohol की जगह alkane में reduce किया जाता है।

Example:


प्रश्न 11.

(अ) वोल्फ-किश्नर अपचयन:
Aldehyde/ketone को hydrazine (NH₂NH₂) और strong base (KOH) के साथ heat करने पर alkane में reduce किया जाता है।
RCO + N₂H₄ → RCH₂ + N₂

(ब)


प्रश्न 12. 1,3-डाइथायेन से एल्डिहाइड एवं कीटोन का संश्लेषण विधि:

1,3-Dithiane acts as a synthetic equivalent of carbonyl compound। इसे strong base (n-BuLi) से deprotonate करके electrophile से react कराकर फिर hydrolysis करने पर aldehyde या ketone बनता है।


प्रश्न 13. RMgX व नाइट्रिल से एल्डिहाइड व कीटोन कैसे प्राप्त करेंगे?

 (formaldehyde के साथ)


प्रश्न 14. रेफॉर्मेट्स्की अभिक्रिया:

α-Halo ester + Zn → Reformatsky reagent, जो aldehyde/ketone से nucleophilic addition करता है।
उपयोग: β-hydroxy ester का निर्माण।


प्रश्न 15. मैनिक अभिक्रिया की क्रिया विधि:

यह nucleophilic substitution reaction होती है।


प्रश्न 16. ऐसीटैल्डिहाइड तथा फॉर्मेल्डिहाइड में अंतर हेतु दो अभिक्रियाएँ:

  1. Cannizzaro Reaction: HCHO देता है, CH₃CHO नहीं।
  2. Iodoform Test: CH₃CHO positive देता है, HCHO नहीं।

प्रश्न 17. बेंजैल्डिहाइड पर C₆H₅N(CH₃)₂ की क्रिया:

Condensation reaction द्वारा Schiff base बनती है।


प्रश्न 18.




प्रश्न 19. एनोलेट आयन पर एक टिप्पणी लिखें।

उत्तर:
एनोलेट आयन (Enolate ion) वो species है जो α-हाइड्रोजन युक्त कार्बोनिल यौगिकों से बनती है जब उन्हें base से treat किया जाता है।
ये resonance stabilized होता है।

Structure:
CH₃–C(=O)–CH₂⁻ ↔ CH₃–C(⁻O⁻)=CH₂
यह दो resonance forms में exist करता है:

  1. कार्बोएन आयन
  2. ऑक्सीजन पर negative charge

Importance:
Enolate आयन न्यूक्लियोफिलिक होते हैं और Aldol condensation जैसी reactions में भाग लेते हैं।


प्रश्न 20. एसीटोन के साथ NaHSO₃ के न्यूक्लियोफिलिक योग को समझाने के लिए समीकरण दीजिए।

उत्तर:
NaHSO₃ (sodium bisulfite) एसीटोन से न्यूक्लियोफिलिक addition करके stable bisulfite addition compound बनाता है।

समीकरण:
CH₃–CO–CH₃ + NaHSO₃ → CH₃–C(OH)(SO₃Na)–CH₃

यह अभिक्रिया carbonyl group पर SO₃⁻ group के addition से होती है।


प्रश्न 21. निम्नलिखित अभिक्रियाओं को पूरा करें तथा उत्पाद लिखें:




















प्रश्न 22. क्या होता है जब:

(i) एसीटैल्डिहाइड फेलिंग विलयन के साथ अभिक्रिया करता है?
लाल रंग का ppt (Cu₂O) बनता है।
CH₃CHO + 2Cu²⁺ + 5OH⁻ → CH₃COO⁻ + Cu₂O↓ + 3H₂O

(ii) कैल्शियम एसीटेट का शुष्क आसवन किया जाता है?
एसीटोन बनता है।
(Ca(CH₃COO)₂ → CH₃–CO–CH₃ + CaCO₃)


प्रश्न 23. बायर-विलेगर ऑक्सीकरण पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

उत्तर:
यह एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है जिसमें ketone को peracid (जैसे mCPBA) की मदद से ester या lactone में बदला जाता है।
General reaction:
R–CO–R' + RCO₃H → R–COO–R' + RCO₂H


प्रश्न 24. क्या होता है जब:

(i) प्रोपाइन को 1% HgSO₄ और 42% H₂SO₄ से प्रवाहित किया जाता है?
एनोले फॉर्म होकर rearrange होकर acetone बनता है।

(ii) फेनिल सायनाइड + SnCl₂/HCl + H₂O → Aniline (C₆H₅–NH₂)

(iii) एसीटोन + Mg-Hg + Water → Isopropyl alcohol (Reduction to secondary alcohol)

(iv) एसीटोन + Br₂ + NaOH → Haloform reaction → CH₃COOH + CHBr₃ (Bromoform)


प्रश्न 25. आप निम्नलिखित कैसे प्राप्त करेंगे:

(i) एसीटोन से आइसोप्रोपिल अल्कोहल:
→ Reduction using LiAlH₄ या NaBH₄
CH₃–CO–CH₃ → CH₃–CHOH–CH₃

(ii) फॉर्मेल्डिहाइड से फॉर्मेलिन:
→ HCHO को पानी में 37–40% solution में मिलाने पर फॉर्मेलिन बनता है।


प्रश्न 26. ट्राइक्लोरोएसीटैल्डिहाइड, एसीटैल्डिहाइड की तुलना में न्यूक्लियोफिलिक संकलन तेजी से क्यों करता है?

उत्तर:
ट्राइक्लोरोएसीटैल्डिहाइड (Cl₃C–CHO) में Cl ग्रुप electron-withdrawing होता है, जो carbonyl carbon को और अधिक electrophilic बनाता है।
इससे nucleophile आसानी से attack करता है।
इसलिए:
Cl₃C–CHO > CH₃–CHO (in nucleophilic addition reactions)

प्रश्न 27:

(अ) निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम:

(i) CH₃CHO → एथेनल
(ii) CH₃COCH₃ → प्रोपेन-2-ओन
(iii) CCl₃CHO → 2,2,2-ट्राइक्लोरोएथेनल
(iv) CH₃C(O)C₂H₅ → ब्यूटेन-2-ओन

(ब) एक α, β-असंतृप्त एल्डिहाइड:
नाम: क्रोटोनलडिहाइड
सूत्र: CH₃CH=CHCHO

(स) अभिक्रियाएँ:

(i) RCHO + CH₂(COOC₂H₅)₂ + base → RCH=C(COOC₂H₅)₂ + H₂O
(ii) C₆H₅CHO + HSO₃⁻ → C₆H₅CH(OH)SO₃⁻
(iii) CH₃COCH₃ + 4[O] → CH₃COOH + CO₂ + H₂O


प्रश्न 28: एसीटोन की अभिक्रियाएँ:

(i) NaOH + I₂ (Haloform Reaction):
CH₃COCH₃ + 3I₂ + 4NaOH → CHI₃ + CH₃COONa + 3H₂O + 3NaI

(ii) N₃H + H₂SO₄ (Diazotization type reaction):
CH₃COCH₃ + N₃H + H₂SO₄ → (CH₃)₂C=N₂ + H₂O + H₂SO₄


प्रश्न 29: एल्डिहाइड्स की सापेक्षिक क्रियाशीलता:

Formaldehyde > Acetaldehyde > Benzaldehyde

कारण: इलेक्ट्रॉन देने वाले समूह क्रियाशीलता को कम करते हैं जबकि फॉर्मेल्डिहाइड में ऐसे समूह नहीं होते।


प्रश्न 30: एल्डिहाइड और कीटोन के बीच अंतर दर्शाने वाली दो अभिक्रियाएँ:

  1. Tollens Testकेवल एल्डिहाइड silver mirror देता है।
  2. Fehling Testएल्डिहाइड लाल ppt देता है, कीटोन नहीं।

प्रश्न 31: क्रियाविधियाँ:

(i) कैनिज़ारो अभिक्रिया – α-H वाले एल्डिहाइड की अनुपस्थिति में disproportionation reaction होती है।
(ii) बेंजोइन संघनन – C₆H₅CHO + C₆H₅CHO → बेंजोइन
(iii) माइकल योग – α, β-unsaturated ketone में nucleophile का conjugate addition


प्रश्न 32: एल्डिहाइड या कीटोन की तैयारी की विधियाँ और गुण:

तैयारी की विधियाँ:

  1. प्राइमरी अल्कोहल का ऑक्सीकरण
  2. कार्बोक्सिलिक एसिड का अपचयन
  3. ओजोनीकरण

गुण:

  1. न्यूक्लियोफिलिक addition reactions
  2. ऑक्सीकरण
  3. अपचयन

प्रश्न 33: अभिक्रियाएँ एवं उपयोग:

(i) एल्डोल संघनन – β-hydroxy aldehyde/ketone बनते हैं उपयोग: बायोसिंथेसिस में
(ii) नोवेनेगल अभिक्रिया – Activated methylene compound + aldehyde → उपयोग: organics synthesis
(iii) विटिग अभिक्रिया – C=O + Ph₃P=CH₂ → Alkene → उपयोग: alkene preparation


प्रश्न 34: बेंजलडिहाइड से सिनामिक एसिड प्राप्त करने की विधि:

Perkin Reaction द्वारा:
C₆H₅CHO + CH₃COONa + (CH₃CO)₂O → C₆H₅CH=CHCOOH (सिनामिक एसिड)


प्रश्न 35:

(अ) क्रॉस एल्डोल संघनन:
दो भिन्न-भिन्न एल्डिहाइड/कीटोन की उपस्थिति में होने वाली एल्डोल अभिक्रिया।

(ब) यूरोट्रोपिन की संरचना:
(CH₂)₆N₄हेक्सामिन या हेक्सामेथिलीनटेट्रामीन


प्रश्न 36: अभिक्रियाएँ:

(i) CH₃COCH₃ + CH₃OH → CH₃C(OH)(OCH₃)CH₃
(शुष्क HCl की उपस्थिति में – हेमीऐसिटल)

(ii) CH₃COCH₃ + CHCl₃ + NaOH → CCl₃⁻ attacks ketone → Cl₃CCH(OH)CH₃ → Cl₃C⁻ + CH₃COOH (Haloform reaction)

(iii) 2CH₃CHO → CH₃CH(OH)CH₂CHO (Al(OC₂H₅)₃ की उपस्थिति में)


प्रश्न 37: कारण:

(i) प्रोपिल अल्कोहल का ऑक्सीकरण प्रोपेनल
CH₃CH₂CH₂OH + Cu/300°C → CH₃CH₂CHO + H₂

(ii) कैल्शियम बेंजोएट + कैल्शियम एसीटेट का आसवनएसीटोफेनोन
Ca(C₆H₅COO)₂ + Ca(CH₃COO)₂ → CH₃COC₆H₅ + CaCO₃


प्रश्न 38: कारण:

कार्बोनिल कार्बन इलेक्ट्रोफिलिक होता है (δ⁺), इस पर न्यूक्लियोफिलिक योग होता है।
α-कार्बन पर -I effect और enolate resonance से इलेक्ट्रोफिलिक योग होता है।


प्रश्न 39: बेकमैन पुनर्विन्यास:

Ketoxime → Amide (acid catalyzed)
e.g. CH₃CH=NOH → CH₃CONH₂


प्रश्न 40: हैलोफॉर्म अभिक्रिया:

मिथाइल कीटोन + Halogen + base → हैलोफॉर्म (CHI₃) + कार्बोक्सिलेट


प्रश्न 41: क्लेजन अभिक्रिया:

दो एस्टर अणु आपस में संयोग करते हैं β-कीटो एस्टर
e.g. CH₃COOC₂H₅ + NaOC₂H₅ → CH₃COCH₂COOC₂H₅


प्रश्न 42: क्रॉस कैनिजारो अभिक्रिया:

दो भिन्न एल्डिहाइड (एक में α-H नहीं) के बीच redox reaction
एक एल्कोहल बनता है, दूसरा एसिड।

प्रश्न 43. निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए:

(i) R–CO–R:
IUPAC नाम: Alkanone (सामान्यतः यह एक कीटोन (Ketone) होता है, जैसे कि Butan-2-one, Propanone आदि)
इसमें दो एल्किल समूह होते हैं और एक कार्बोनिल ग्रुप (C=O) बीच में स्थित होता है।

(ii) CH₂CH₂–CHO:
IUPAC नाम: Propanal (प्रोपेनल)
इसमें तीन कार्बन हैं, और एक एल्डिहाइड ग्रुप (-CHO) सबसे अंत में होता है।


प्रश्न 44. निम्नलिखित अभिक्रियाओं को पूर्ण कीजिए:

(i)
CH₃CHO + NH₂NH₂ → CH₃CH=NNH₂
(हाइड्राज़ोन का निर्माण)
इसके बाद हाइड्राज़ोन का अपचयन होता है –
CH₃CH=NNH₂ + H₂ → CH₃CH₃
(एथेन बनता है, वोल्फ-किशनर रिडक्शन)

(ii)
CH₃CH₂OH → CH₃CHO
ऑक्सीकरण अभिक्रिया द्वारा एथेनॉल से एथेनल प्राप्त होता है।

(iii)
(CH₃)₂C=O + Ph₃P=CH₂ → (CH₃)₂C=CH₂ + Ph₃P=O
विटिग अभिक्रिया (Wittig Reaction)
कीटोन से अल्कीन का निर्माण होता है।

(iv)
CH₃COCH₃ + m-CPBA → CH₃COOCH₃
यह एक बायर-वीलिगर ऑक्सीकरण (Baeyer-Villiger oxidation) है
केटोन एस्ट्र में रूपांतरित

(v)
CH₃COCH₃ + Cl₂ + NaOH → CH₃CCl₂CH₃
यह हेलोफॉर्म अभिक्रिया का एक उदाहरण है
कीटोन में क्लोरीन जुड़कर trihalomethyl compound बनता है।


प्रश्न 45. एसिड क्लोराइड का अपचयन कैसे किया जा सकता है?

एसिड क्लोराइड (RCOCl) को लीथियम एल्युमिनियम हाइड्राइड (LiAlH₄) या इसके एल्कोक्सी व्युत्पन्न (LiAlH(OR)₃) द्वारा अपचयन किया जाता है।

मुख्य अभिक्रिया:

RCOCl + 2[H] → RCH₂OH
(एल्डिहाइड या एल्कोहल प्राप्त होता है)

विशेष बात:

  • जब LiAlH₄ का उपयोग करते हैं, तब पूर्ण अपचयन होकर प्राथमिक एल्कोहल बनता है।
  • जब LiAlH(OR)₃ (माइल्ड रिड्यूसिंग एजेंट) उपयोग करते हैं, तो एल्डिहाइड तक सीमित रहता है।

 


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