B.Sc. ZOOLOGY (C.G.)
Third Year – Second Question Paper
इकाई 4
Apiculture, Sericulture, Lac culture
दीर्घ एवं लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1: रेशम कीट (Silk worm) की विभिन्न प्रजातियों का वर्णन कीजिए।
रेशम कीट वे कीट हैं जिनसे रेशम प्राप्त किया जाता है और इनका पालन ‘सेरीकल्चर’ कहलाता है। विश्व में रेशम की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें मुख्य रूप से चार प्रमुख प्रकार आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं—मल्बरी रेशम, तसर रेशम, एरी रेशम और मूगा रेशम।
मल्बरी रेशम (Mulberry silk) सबसे अधिक उत्पादित और लोकप्रिय है, जो शहतूत के पत्तों पर पलने वाले रेशम कीट से प्राप्त होता है। इसका धागा चिकना, चमकदार और मजबूत होता है।
तसर रेशम (Tasar silk) जंगली रेशम है जो वन क्षेत्रों में पाए जाने वाले कीटों से प्राप्त होता है। इसका रंग हल्का भूरा होता है और यह मजबूत तथा टिकाऊ होता है।
एरी रेशम (Eri silk) को “अहिंसा रेशम” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें कीट को मारे बिना धागा प्राप्त किया जाता है। यह मुलायम और गर्म होता है।
मूगा रेशम (Muga silk) मुख्यतः असम में पाया जाता है और इसका सुनहरा रंग इसकी विशेषता है।
इन सभी प्रजातियों का आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व है तथा भारत विश्व के प्रमुख रेशम उत्पादक देशों में से एक है।
प्रश्न 2: बॉम्बिक्स मोराई (Bombyx mori) के जीवन-चक्र का वर्णन कीजिए।
Bombyx mori एक पूर्ण कायांतरण (complete metamorphosis) वाला कीट है, जिसका जीवन-चक्र चार चरणों में पूरा होता है—अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क।
मादा पतंगा लगभग 400–500 अंडे देती है। कुछ दिनों बाद अंडों से लार्वा (caterpillar) निकलते हैं। यह चरण सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी दौरान लार्वा शहतूत के पत्ते खाकर तेजी से बढ़ता है। यह लगभग 25–30 दिन तक भोजन करता है और कई बार अपनी त्वचा बदलता है (moulting)।
इसके बाद लार्वा कोकून बनाना शुरू करता है। वह अपने मुख से रेशम का तरल पदार्थ निकालकर गोलाकार कोकून तैयार करता है। इस कोकून के अंदर वह प्यूपा बन जाता है।
कुछ समय बाद प्यूपा से वयस्क पतंगा निकलता है, जो प्रजनन कर जीवन-चक्र को दोहराता है।
प्रश्न 3: रेशम कीट का पालन कैसे किया जाता है और कोकून को बुनने के लिए क्या करते हैं?
रेशम कीट पालन एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें स्वच्छता, तापमान और भोजन का विशेष ध्यान रखा जाता है। सबसे पहले शहतूत के पौधों की खेती की जाती है क्योंकि यही रेशम कीट का मुख्य भोजन है।
अंडों को नियंत्रित तापमान और आर्द्रता में रखा जाता है ताकि वे सही समय पर फूटें। लार्वा निकलने के बाद उन्हें नियमित रूप से ताजे शहतूत के पत्ते खिलाए जाते हैं।
जब लार्वा परिपक्व हो जाता है, तब उसे कोकून बनाने के लिए माउंटेज (Mountage) नामक संरचना पर रखा जाता है। यह लकड़ी या प्लास्टिक का ढांचा होता है जिसमें लार्वा सुरक्षित रूप से कोकून बुनता है।
कोकून बनने के बाद उन्हें गर्म पानी में डालकर धागा निकाला जाता है। इस प्रक्रिया को रीलिंग (Reeling) कहते हैं।
प्रश्न 4: मधुमक्खी की वर्गीकृत स्थिति, विभिन्न जातियों एवं सामाजिक संगठन का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।
मधुमक्खी एक सामाजिक कीट है जो समूह में रहती है। इसकी वर्गीकृत स्थिति इस प्रकार है—
संघ: Arthropoda
वर्ग: Insecta
गण: Hymenoptera
कुल: Apidae
मुख्य प्रजातियाँ हैं—Apis dorsata (रॉक बी), Apis cerana indica (भारतीय मधुमक्खी), Apis mellifera (यूरोपीय मधुमक्खी) और Apis florea (छोटी मधुमक्खी)।
मधुमक्खियों का समाज तीन वर्गों में विभाजित होता है—रानी (Queen), श्रमिक (Workers) और नर (Drones)। रानी अंडे देती है, श्रमिक भोजन जुटाते हैं और छत्ता बनाते हैं, जबकि नर केवल प्रजनन में भाग लेते हैं। यह संगठन अत्यंत व्यवस्थित और सहयोगात्मक होता है।
प्रश्न 5: मधुमक्खी पालन में उपयोग की जाने वाली आधुनिक विधि तथा उपकरण कौन से हैं?
आधुनिक मधुमक्खी पालन को एपिकल्चर कहा जाता है। इसमें वैज्ञानिक तरीके से छत्तों का प्रबंधन किया जाता है।
मुख्य उपकरणों में मूवेबल फ्रेम हाइव (Langstroth hive), स्मोकर (smoker), हाइव टूल, मधु निष्कर्षक (Honey extractor), सुरक्षात्मक पोशाक और ब्रश शामिल हैं।
आधुनिक विधि में मधुमक्खियों को लकड़ी के बक्सों में पाला जाता है। इन बक्सों में हटाए जा सकने वाले फ्रेम होते हैं, जिससे शहद निकालना आसान हो जाता है।
नियमित निरीक्षण, रोग नियंत्रण और पर्याप्त फूलों की उपलब्धता इस विधि की सफलता के लिए आवश्यक है। इससे शहद उत्पादन में वृद्धि और गुणवत्ता में सुधार होता है।
प्रश्न 6: मधुमक्खी पालन के व्यावसायिक लाभ (Economic importance) को लिखिए।
मधुमक्खी पालन (Apiculture) एक अत्यंत लाभकारी ग्रामीण उद्योग है, जो कम लागत में अधिक आय प्रदान करता है। इसका सबसे प्रमुख लाभ शहद उत्पादन है, जो पोषक तत्वों से भरपूर और औषधीय गुणों वाला होता है। शहद के अलावा मधुमक्खियों से मोम (Beeswax), रॉयल जेली, प्रोपोलिस और पराग (Pollen) जैसे कई मूल्यवान उत्पाद प्राप्त होते हैं, जिनका उपयोग औषधि, कॉस्मेटिक और खाद्य उद्योग में किया जाता है।
मधुमक्खियाँ परागण (Pollination) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके द्वारा फसलों में परागण होने से उत्पादन 20–70% तक बढ़ सकता है। इस प्रकार मधुमक्खी पालन कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक है।
यह उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करता है और छोटे किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बनता है। इसके लिए अधिक भूमि की आवश्यकता नहीं होती और इसे कृषि के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है।
इस प्रकार मधुमक्खी पालन आर्थिक, पोषण और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 7: लाख कीट (Lac insect) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
लाख कीट एक छोटा परजीवी कीट है जो पेड़ों की शाखाओं पर रहकर लाख नामक राल (Resin) उत्पन्न करता है। यह राल उद्योग में वार्निश, पॉलिश, सीलिंग वैक्स और आभूषण बनाने में उपयोग होती है।
लाख कीट मुख्यतः कुसुम, पलाश और बेर जैसे वृक्षों पर पाया जाता है। यह अपने मुखांग से वृक्ष का रस चूसता है और शरीर से लाख का स्राव करता है। धीरे-धीरे यह राल शाखाओं पर जम जाती है।
भारत लाख उत्पादन में विश्व में अग्रणी देशों में शामिल है। लाख कीट का पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण स्रोत है।
प्रश्न 8: लाख संवर्धन (Lac culture) के बारे में विस्तार से बताइए।
लाख संवर्धन एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें लाख कीटों को उपयुक्त पेड़ों पर पालकर लाख उत्पादन किया जाता है। इसके लिए सबसे पहले उपयुक्त वृक्ष जैसे कुसुम, पलाश और बेर का चयन किया जाता है।
इन पेड़ों की शाखाओं पर लाख कीट के अंडों या लार्वा युक्त टहनियाँ बाँधी जाती हैं। इन्हें ब्रूड लाख (Brood lac) कहा जाता है। लार्वा निकलकर नई शाखाओं पर फैल जाते हैं और पेड़ का रस चूसना शुरू करते हैं।
कुछ महीनों बाद शाखाओं पर लाख की मोटी परत बन जाती है, जिसे काटकर एकत्र किया जाता है। इसके बाद इसे साफ करके प्रसंस्कृत किया जाता है।
उचित प्रबंधन, समय पर कटाई और रोग नियंत्रण से लाख उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
प्रश्न 9: लाख कीट के जीवन चक्र को समझाइए।
लाख कीट का जीवन चक्र तीन मुख्य चरणों में पूरा होता है—अंडा, लार्वा और वयस्क।
मादा लाख कीट हजारों अंडे देती है। अंडों से लार्वा निकलकर पेड़ की शाखाओं पर फैल जाते हैं और रस चूसना शुरू करते हैं। यह चरण सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी समय लाख का स्राव होता है।
धीरे-धीरे लार्वा विकसित होकर वयस्क बनते हैं। नर कीट पंखयुक्त होते हैं और थोड़े समय के लिए जीवित रहते हैं, जबकि मादा स्थिर रहती है और लाख उत्पादन जारी रखती है।
इस प्रकार जीवन चक्र लगभग 6–8 महीनों में पूरा होता है।
प्रश्न 10: लाख संवर्धन के व्यावसायिक महत्व को समझाइए।
लाख संवर्धन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। लाख से प्राप्त राल का उपयोग पॉलिश, वार्निश, इलेक्ट्रिकल उद्योग, खिलौने और आभूषण बनाने में किया जाता है।
भारत विश्व का प्रमुख लाख उत्पादक देश है और लाख का निर्यात विदेशी मुद्रा अर्जित करता है। लाख संवर्धन कम लागत वाला उद्योग है और इसे छोटे किसान आसानी से अपना सकते हैं।
यह उद्योग रोजगार के अवसर बढ़ाता है और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाने में सहायक है। इस प्रकार लाख संवर्धन आर्थिक विकास और ग्रामीण उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


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